जब दवा की मिलेगी घुट्टी, नहीं होगी स्कूल की छुट्टी . . .

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File Photo. (A Symbolic Representation).
File Photo. (A Symbolic Representation).

जयपुर। प्रदेश के 1से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि नियंत्रण की आज दवा पिलाई जाएगी। सरकारी स्कूल, मदरसा, केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। बच्चे कृमि के संक्रमण होने से स्कूल कम आते है। बच्चे धीरे-धीरे शारीरिक और मानसिक तौर पर कमजोर हो जाते है। बच्चों का पढऩे में मन नहीं लगता। जिससे स्कूलों में नामांकन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसमें सुधार लाने के लिए पिछले तीन वर्षों से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं राजस्थान द्वारा कृमि नियंत्रण दवा पिला रही है। यह अभियान दस से 15 फरवरी तक चलेगा।

संक्रमण के लक्षण
-इससे बच्चों को कुपोषण और खून की कमी हो जाती है।
-बच्चों में थकावट होने लगती है।
-संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास में बाधा पड़ती है।

यहां है दवा की व्यवस्था
आंगनबाड़ी केंन्द्रों, राजकीय और प्राइवेट स्कूलों, केन्द्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालय, मां बाड़ी केन्द्रों, मदरसों में नि:शुल्क दवा दी 10 से 15 फरवरी तक मिलेगी।

आंकड़े जिनपर पड़ेगा प्रभाव 
संस्थान               बच्चे
सरकारी स्कूल :      75,24,294
प्राइवेट स्कूल  :    80,73,369
केन्द्रीय विद्यालय :    63,073
नवोदय विद्यालय :     16,325
मदरसा :        18,3,825
एडब्ल्यूसी:        74,35,569
एडब्ल्यूसी अंडर रजिस्टर : 24,6,767
स्कूल के बाहर (1-16) :16,09,344

क्या कहते है जिम्मेदार

पिछले तीन वर्षों से यह अभियान चलाया जा रहा है। पहले साल में दो बार बच्चों को दवा पिलाई जाती है लेकिन अब केवल एक बार।
डॉ. प्रेम सिंह, स्टेट नोडल अधिकारी(चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) ।

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