School in hut, 22 students, 1 teacher and a story of diligence & Perseverance : Neenv Campaign

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झोपड़े  के स्कूल का सलीका
जालोर जिले के  निम्बा मेघवाल की ढाणी दूठवा के  इस सरकारी स्कूल में 8 बच्चियां और 14 बच्चे एक  अध्यापक के साथ किताब कॉपी  थामे बैठे होंगे मगर आप को  नजर नहीं आएंगे। अन्धेरा चीरने की  जिद में ऐसे बदहाल स्कूल  में भी चप्पल खोल कर दाखिल होते हैं ये बच्चे। उनके  लिए शिक्षा का मन्दिर यही है। हमें बाहर से झोपड़ा भी दिेखेगा और इनके संस्कारों की झलक भी। अब हम पर है कि इन सब के भीतर कितना झांक पाते हैं, सरकार  अपनी ताकत से  दशकों से बदहाल ऐसे तमाम स्कूलों की  तकदीर कैसे  बदलत पाती है?

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