राजस्थान पद्म अवार्ड दौड़ में पीछे

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नौ वर्ष से पद्म विभूषण और 10 वर्ष से नहीं मिला पद्म भूषण अवार्ड

जयपुर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस पर 112 लोगों को पद्म अवार्ड देने की घोषणा की गई। लेकिन इस बार भी राजस्थान का प्रतिनिधित्व न के बराबर है। राजस्थान से केवल पद्म श्री के लिए स्व. श्री प्रकाश चन्द्र सुराणा को शास्त्रीय संगीत के लिए दिया गया है। गौरतलब है कि राजस्थान से गत नौ वर्षों से किसी को पद्म विभूषण या पद्म भूषण अवार्ड नहीं दिया गया। जबकि अमरिका, जापान, आयरलैंड, फ्रांस और यूके (ब्रिटेन) के लोगों को दिया जा रहा है। आलम यह है कि 6 करोड़ से अधिक आबादी वाले राज्य को 1954 से अभी तक केवल आठ लोगों को पद्म विभूषण और 20 लोगों को पद्म भूषण अवार्ड मिला है। पिछले 6 वर्षों में केवल 10 लोगों को पद्म श्री ही मिल पाया है।

छोटे राज्य हमसे आगे

दिल्ली, पजांब, उत्तराखंड छोटे राज्य भी अवार्ड के मामले में राजस्थान से आगे हैं। गत दो साल में ही दिल्ली को तीन विभूषण और आठ पद्मभूषण अवार्ड, पंजाब को एक भूषण और एक विभूषण और उत्तराखंड को एक विभूषण अवार्ड मिल चुके हैं। राजस्थान क्षेत्रफल में देश का सबसे बड़ा राज्य है। प्रतिभाएं भी खूब है लेकिन पद्म अवार्ड में पीछे ही है।

अवार्ड की शुरुआत

देश के नागरिक अवार्डों की श्रेणी में भारत रत्न के बाद पद्म अवार्डों का स्थान है। 2 जनवरी 1954 में इस अवार्ड की शुरुआत हुई। कला, शिक्षा, उद्योग, साहित्य, विज्ञान, खेल, दवा, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, प्रशासनिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिया जाता है।

क्या है मांग

चयन की प्रक्रिया बदलें

हर साल उम्मीद रहती है कि कोई न कोई प्रदेश से पद्मविभूषण, पद्मभूषण, अवार्ड के लिए चुना जाएगा लेकिन निराश होना पड़ता है। चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है, इसमें बदलाव चाहिए। चुनाव के लिए कलाकारों की समिति हो जिसमे भेदभाव न किया जाए।
मोउनुद्दीन खान, पद्मश्री, जयपुर

प्रतिभाओं का सही आकलन नहीं

प्रदेश को कई वर्षों से पद्मविभूषण और पद्मभूषण अवार्ड नहीं मिल रहा है। यह बहुत ही चिंता का विषय है। प्रतिभाओं का सही आकलन नहीं होने से निराशा हाथ लग रही है। इतनी बड़ी आबादी वाले प्रदेश में ऐसा क्यो हो रहा है कोई बड़ा कारण समझ में नहीं आता।
अरुण प्रजापति, पद्मश्री, जयपुर

ये हैं पद्म विभूषण

1957    घनश्याम दास बिड़ला
1965    मानिक लाल वर्मा
1969    मोहन सिंह मेहता
1973    दौलत सिंह कोठारी
1973    नागेन्द्र सिंह
1976    कालू लाल श्रीमाली
2001    मदन मोहन शर्मा
2007    नरेश चन्द्र

इन्हें मिला है पद्म भूषण

1958    राव राजा हनुत सिंह
1962    दौलत सिंह कोठारी
1965    मानिक लाल वर्मा
1968    प्रभु लाल भटनागर
1971    गोकुल भाई भट्ट
1972    लेे. जनरल सगत सिंह
1973    नारायण दास मलकानी
1975    रतन शास्त्री
1976    भोगी लाल पाड्या
1982    झाबर मल शर्मा
1984    नटवर सिंह
1989    एमवी माथुर
1991   नारायण सिंह
1995    एलएम सिंघवी
2000    राम नरायण अग्रवाल
2002    चितरंजन सिंह रानावत
2002    जगत सिंह मेहता
2003    दुर्गा लाल
2006    विजय शंकर व्यास
2006    कोमल कोठारी

(स्रोत विकिपीडिया)

4 COMMENTS

  1. It is very bad news for rajasthani’s that from last 9 years no appreciation award for talent getting PadhamBhushan Award. NO POLITICS SHOULD BE THERE IN THESE AWARDS SAY NO TO POLITICS…!!!!

  2. प्रदेश में इतना टैलेंट है उसके बाद भी अवार्ड के लिए इतना इन्तजार करना। बहुत चिंता का विषय है।

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